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पोल्ट्री में केज फटीग (Cage Fatigue)

पोल्ट्री में केज फटीग (Cage Fatigue)

लेखक: KodiBook Digital Research Team
संपादकीय समीक्षा: KodiBook Editorial Team
अंतिम अपडेट: 2026-06-27
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व्यावहारिक जानकारी एवं फार्म कार्य

मुख्य तथ्य

At a Glance

  • गंभीरता का स्तर: High

What You May Notice

  • शुरुआती लक्षण: पतले छिलके वाले अंडे
  • गंभीर लक्षण: सतर्क लेकिन लकवाग्रस्त मुर्गियां जो पिंजरे के पिछले हिस्से में जोड़ों (हॉक्स) के बल बैठी रहती हैं। कंकाल प्रणाली (हड्डियों/कशेरुकाओं) को लक्षित करता है।
  • पोस्टमॉर्टम निष्कर्ष: पतली, मुड़ने योग्य (लचीली) कॉर्टिकल हड्डियां, अंदर की ओर मुड़ी हुई पसली की फ्रैक्चर, S-आकार की कील हड्डी (Keel bone), वक्षीय कशेरुक पर दबी हुई स्पाइनल कॉर्ड।

Field Verification Checkpoints

  • फील्ड सत्यापन (जांच): पिंजरों में लकवाग्रस्त लेकिन सतर्क पक्षी
  • प्रयोगशाला पुष्टि: बोन ऐश (हड्डी की राख) की मात्रा की गणना; हिस्टोपैथोलॉजी में पतली ट्रैबेकुली और स्पष्ट ऑस्टियोक्लास्टिक क्षरण दिखना
  • अन्य संभावनाएं: मेरेक्स रोग (Marek's Disease), विटामिन D3 की कमी

Prevention & Control Action

  • टीकाकरण नियंत्रण: Hatchery standard or field boosting
  • बायोसिक्योरिटी कार्रवाई: लागू नहीं

Entity Metadata (Entity Metadata)

  • Entity Name (Entity Name): Cage Fatigue
  • Alternative Names (Alternative Names): लेयर मुर्गियों का ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis of laying hens), ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
  • वैज्ञानिक नाम (Scientific Name): लागू नहीं (मेटाबॉलिक)
  • Category (Category): पैथोलॉजिकल प्रिडिस्पोज़िशन / मेटाबॉलिक
  • Subcategory (Subcategory): मेटाबॉलिक (Metabolic)
  • व्यावसायिक महत्व (Commercial Importance): उच्च
  • भारत में प्रासंगिकता (India Relevance): लेयर मुर्गियों में कैल्शियम की कमी

Identity (Identity)

पिंजरों (केज) में रखी जाने वाली अत्यधिक अंडा उत्पादन करने वाली लेयर मुर्गियों को प्रभावित करने वाला हड्डियों का एक मेटाबॉलिक रोग। कैल्शियम के नकारात्मक संतुलन (आहार में कमी, विटामिन D3 का अभाव) और पिंजरे में हड्डियों पर शारीरिक दबाव (मूवमेंट) न होने के कारण मुर्गियों की कॉर्टिकल हड्डियों का गंभीर ऑस्टियोक्लास्टिक पुनरावशोषण (हड्डियों का क्षरण) होने लगता है, जिससे रीढ़ की हड्डियां (कशेरुक) बैठ जाती हैं और पक्षाघात (लकवा) हो जाता है।

Overview (Overview)

केज फटीग (Cage Fatigue) (ऑस्टियोपोरोसिस) उच्च उत्पादन वाली लेयर मुर्गियों में कैल्शियम मेटाबॉलिज्म की एक गंभीर विफलता को दर्शाता है। अंडे के छिलके (शेल) के निर्माण के लिए भारी मात्रा में कैल्शियम (प्रति अंडा 2 ग्राम) की आवश्यकता होती है। यदि आहार में कमी होती है, तो मुर्गियां मेडुलरी और संरचनात्मक कॉर्टिकल हड्डियों से कैल्शियम का उपयोग करने लगती हैं। पिंजरों में हिलने-डुलने की सीमित जगह के साथ मिलकर कंकाल इतना कमजोर हो जाता है कि हड्डियां टूटने लगती हैं, जिससे वक्षीय कशेरुक (थोरैसिक वर्टिब्रा) धंस जाते हैं और रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) दब जाती है। इसके नियंत्रण के लिए आहार में 3.5%-4.5% कैल्शियम देना (रात के समय अवशोषण धीमा करने के लिए बड़े कणों वाले चूना पत्थर का उपयोग करना) और पर्याप्त विटामिन D3 प्रदान करना आवश्यक है।

Structured Facts (Structured Facts)

Classification (Classification)

पैथोलॉजिकल प्रिडिस्पोज़िशन / मेटाबॉलिक

Epidemiology (Epidemiology)

  • भारत में प्रसार: केज सिस्टम में अत्यधिक प्रचलित
  • गंभीरता: उच्च
  • प्रभावित प्रजातियां: उच्च उत्पादन वाली लेयर मुर्गियां
  • प्रभावित आयु: लेयर चरण, पीक उत्पादन (25 से 45 सप्ताह की उम्र)
  • संचरण (Transmission): गैर-संक्रामक
  • मृत्यु दर (Mortality): प्रत्यक्ष मृत्यु दर कम; लकवे के कारण कलिंग (हटाने) की दर उच्च
  • रुग्णता दर (Morbidity): 1% से 10%
  • आर्थिक महत्व (Economic Importance): उच्च (कलिंग, अंडे के छिलके की खराब गुणवत्ता)

क्लिनिकल संकेत (Clinical Signs)

  • शुरुआती/मध्यम चरण: पतले छिलके वाले अंडे
  • गंभीर चरण: सतर्क लेकिन लकवाग्रस्त मुर्गियां जो पिंजरे के पिछले हिस्से में जोड़ों (हॉक्स) के बल बैठी रहती हैं। कंकाल प्रणाली (हड्डियों/कशेरुकाओं) को लक्षित करता है।
  • पोस्टमार्टम निष्कर्ष: पतली, मुड़ने योग्य (लचीली) कॉर्टिकल हड्डियां, अंदर की ओर मुड़ी हुई पसली की फ्रैक्चर, S-आकार की कील हड्डी (Keel bone), वक्षीय कशेरुक पर दबी हुई स्पाइनल कॉर्ड।

Diagnosis (Diagnosis)

  • फील्ड डायग्नोसिस: पिंजरों में लकवाग्रस्त लेकिन सतर्क पक्षी
  • प्रयोगशाला परीक्षण: बोन ऐश (हड्डी की राख) की मात्रा की गणना; हिस्टोपैथोलॉजी में पतली ट्रैबेकुली और स्पष्ट ऑस्टियोक्लास्टिक क्षरण दिखना
  • डिफरेन्शियल डायग्नोसिस: मेरेक्स रोग (Marek's Disease), विटामिन D3 की कमी

इलाज (Treatment)

  • दवाएं: कोई नहीं
  • विथड्रॉल अवधि: लागू नहीं

Prevention (Prevention)

  • टीकाकरण: कोई नहीं
  • बायोसिक्योरिटी (Biosecurity): लागू नहीं
  • फार्म प्रबंधन: आहार में कैल्शियम (3.5% से 4.5%) बनाए रखें; 60% कैल्शियम स्रोत को मोटे कणों वाले चूना पत्थर/सीप के छिलके (2-4 मिमी) से बदलें; विटामिन D3 (3000-4000 IU/kg) की खुराक दें।

Quantitative Data (Quantitative Data)

  • Morbidity Rate (Morbidity Rate): 1% से 10%
  • लक्षित उम्र (Target Age): 25 से 45 सप्ताह
  • Layer Calcium Requirement (Layer Calcium Requirement): 3.5% से 4.5% Ca
  • Coarse Particle Substitution (Coarse Particle Substitution): 60% (2 से 4 मिमी आकार)
  • Vitamin D3 Requirement (Vitamin D3 Requirement): 3000 से 4000 IU/kg

Relationships (Relationships)

  • Vaccines (Vaccines): कोई नहीं
  • Medicines (Medicines): कोई नहीं
  • नस्ल की संवेदनशीलता (Breed Susceptibility): पिंजरे में रहने वाली उच्च उत्पादन वाली लेयर मुर्गियां
  • Linked Nutrient (Linked Nutrient): कैल्शियम, विटामिन D3, फास्फोरस (Ca:P का 10:1 अनुपात आवश्यक)
  • Predisposing Relationships (Predisposing Relationships): ओक्राटॉक्सिकोसिस (Ochratoxicosis) विटामिन D3 के सक्रियण को बाधित करता है, जिससे यह स्थिति पैदा हो सकती है।

Evidence (Evidence)

  • Source (Source): पोल्ट्री डिजीज कैनोनिकल रिसर्च
  • साक्ष्य की मजबूती (Evidence Strength): पूर्ण (Complete)

References (References)

  • स्रोतों में निर्दिष्ट नहीं

Missing Information (Missing Information)

  • कोई नहीं

Schema Coverage (Schema Coverage)

Identity: Complete Structured Facts: Complete Quantitative Data: Complete Relationships: Complete References: Partial Evidence: Complete Overall Completeness: 95%