पोल्ट्री में एफ्लाटॉक्सिकोसिस (Aflatoxicosis)
पोल्ट्री में एफ्लाटॉक्सिकोसिस (Aflatoxicosis)
व्यावहारिक जानकारी एवं फार्म कार्य
At a Glance
- गंभीरता का स्तर: High
- मुख्य रूप से प्रभावित: सभी उम्र के पक्षी
- फैलने का मार्ग: दूषित फीड खाने से
What You May Notice
- शुरुआती लक्षण: फीड का सेवन कम होना, विकास रुकना (स्टंटेड ग्रोथ), पंखों की खराब ग्रोथ, शरीर पर खरोंच/नील के निशान बढ़ना
- गंभीर लक्षण: रोग प्रतिरोधक क्षमता का गंभीर दमन (Immunosuppression), लिवर और रक्त के थक्का जमने की प्रणाली (Coagulation) को प्रभावित करना
- पोस्टमॉर्टम निष्कर्ष: लिवर का आकार बढ़ना, पीला-हल्का रंग, चिकना (ग्रीसी) और नाजुक होना तथा सबकैप्सुलर पेटेकिया (खून के छोटे धब्बे)। पित्ताशय (गॉलब्लैडर) का बढ़ना और गाढ़ा हरा पित्त। बर्सा ऑफ फैब्रिकियस, थाइमस और प्लीहा (तिल्ली) का अत्यधिक सिकुड़ना।
Why It Matters
- मृत्यु दर: 5% से 30% (एक्यूट मामलों में)
- आर्थिक जोखिम: गंभीर (फीड कन्वर्ज़न रेशियो (FCR) (Feed Conversion Ratio (FCR)) पर प्रभाव, दूध/अंडे में AFM1 अवशेषों के माध्यम से जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम)
Field Verification Checkpoints
- फील्ड सत्यापन (जांच): झुंड की रुकी हुई ग्रोथ और पोस्टमार्टम में पीला, चिकना लिवर दिखना
- प्रयोगशाला पुष्टि: एफ्लाटॉक्सिन के स्तर की जांच के लिए फीड सैंपल का HPLC या ELISA टेस्ट। हिस्टोपैथोलॉजी: हेपेटोसेलुलर वेक्यूलाइजेशन और पित्त नली की हाइपरप्लासिया।
- अन्य संभावनाएं: फैटी लिवर हेमोरेजिक सिंड्रोम, इंक्लूजन बॉडी हेपेटाइटिस
Prevention & Control Action
- टीकाकरण नियंत्रण: Hatchery standard or field boosting
- बायोसिक्योरिटी कार्रवाई: फीड की स्क्रीनिंग (20 ppb से अधिक होने पर रिजेक्ट करना)
Identity (Identity)
फफूंद लगे फीड के सेवन से होने वाली एक गंभीर और सिस्टेमिक टॉक्सिकोलॉजिकल बीमारी। यह लिवर में प्रोटीन संश्लेषण (Protein synthesis) को गंभीर रूप से बाधित करती है, जिससे लिवर खराब होता है, वसा (लिपिड) जमा होने लगती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता का दमन (Immunosuppression) होता है, जिसके परिणामस्वरूप टीकाकरण विफल हो जाता है।
Overview (Overview)
एफ्लाटॉक्सिकोसिस (Aflatoxicosis) अत्यधिक विषैले सेकेंडरी मेटाबोलाइट्स (मुख्य रूप से एफ्लाटॉक्सिन B1) के कारण होने वाली एक गंभीर टॉक्सिकोलॉजिकल स्थिति है। जब फीड सामग्री (जैसे मक्का, मूंगफली) में नमी 15% से अधिक और आर्द्रता (Humidity) 75% से अधिक होती है, तब इसमें फफूंद पनपती है। लिवर में मेटाबोलाइज़ होने के बाद ये टॉक्सिन्स रिएक्टिव एपॉक्साइड्स में बदल जाते हैं, जो डीएनए/आरएनए से जुड़कर प्रोटीन संश्लेषण को रोक देते हैं और लिवर में गंभीर रूप से फैट जमा होने का कारण बनते हैं। इसके परिणामस्वरूप रोग प्रतिरोधक क्षमता का दमन (Immunosuppression) होता है (NDV/IBD वैक्सीन का असर न होना) और झुंड में कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis) व विसेरल गाउट जैसी द्वितीयक (सेकेंडरी) बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके बचाव के लिए कच्ची सामग्री की जांच (20 ppb से अधिक होने पर रिजेक्ट करना) और फीड में टॉक्सिन बाइंडर्स (HSCAS) का उपयोग करना आवश्यक है।
Structured Facts (Structured Facts)
Classification (Classification)
टॉक्सिकोलॉजिकल > गैर-संक्रामक (Non-Infectious)
Epidemiology (Epidemiology)
- भारत में प्रसार: फीड में व्यापक संदूषण (कंटामिनेशन)
- गंभीरता: गंभीर (Critical)
- प्रभावित प्रजातियां: पोल्ट्री (ब्रॉयलर और बत्तख के चूजे अत्यधिक संवेदनशील)
- प्रभावित आयु: सभी उम्र के पक्षी
- संचरण (Transmission): दूषित फीड खाने से
- मौसमी प्रभाव: गर्म तापमान (25°C से 35°C) और उच्च आर्द्रता से संबंधित
- मृत्यु दर (Mortality): 5% से 30% (एक्यूट मामलों में)
- रुग्णता दर (Morbidity): प्रभावित झुंडों में लगभग 100%
- आर्थिक महत्व (Economic Importance): गंभीर (फीड कन्वर्ज़न रेशियो (FCR) (Feed Conversion Ratio (FCR)) पर प्रभाव, दूध/अंडे में AFM1 अवशेषों के माध्यम से जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम)
क्लिनिकल संकेत (Clinical Signs)
- शुरुआती/मध्यम चरण: फीड का सेवन कम होना, विकास रुकना (स्टंटेड ग्रोथ), पंखों की खराब ग्रोथ, शरीर पर खरोंच/नील के निशान बढ़ना
- गंभीर चरण: रोग प्रतिरोधक क्षमता का गंभीर दमन (Immunosuppression), लिवर और रक्त के थक्का जमने की प्रणाली (Coagulation) को प्रभावित करना
- पोस्टमार्टम निष्कर्ष: लिवर का आकार बढ़ना, पीला-हल्का रंग, चिकना (ग्रीसी) और नाजुक होना तथा सबकैप्सुलर पेटेकिया (खून के छोटे धब्बे)। पित्ताशय (गॉलब्लैडर) का बढ़ना और गाढ़ा हरा पित्त। बर्सा ऑफ फैब्रिकियस, थाइमस और प्लीहा (तिल्ली) का अत्यधिक सिकुड़ना।
Diagnosis (Diagnosis)
- फील्ड डायग्नोसिस: झुंड की रुकी हुई ग्रोथ और पोस्टमार्टम में पीला, चिकना लिवर दिखना
- प्रयोगशाला परीक्षण: एफ्लाटॉक्सिन के स्तर की जांच के लिए फीड सैंपल का HPLC या ELISA टेस्ट। हिस्टोपैथोलॉजी: हेपेटोसेलुलर वेक्यूलाइजेशन और पित्त नली की हाइपरप्लासिया।
- डिफरेन्शियल डायग्नोसिस: फैटी लिवर हेमोरेजिक सिंड्रोम, इंक्लूजन बॉडी हेपेटाइटिस
इलाज (Treatment)
- तत्काल कार्रवाई: दूषित फीड को तुरंत हटाएं
- सहायक देखभाल: लिपोट्रोपिक घटक (कोलीन, मेथियोनिन (Methionine)) और विटामिन थेरेपी
- दवाएं: हाई-एफिनिटी टॉक्सिन बाइंडर्स (हाइड्रेटेड सोडियम कैल्शियम एल्युमिनोसिलिकेट - HSCAS)
- विथड्रॉल अवधि: लागू नहीं
Prevention (Prevention)
- टीकाकरण: कोई नहीं (एफ्लाटॉक्सिकोसिस (Aflatoxicosis) के कारण अन्य बीमारियों के टीकों का असर भी नहीं होता)
- बायोसिक्योरिटी (Biosecurity): फीड की स्क्रीनिंग (20 ppb से अधिक होने पर रिजेक्ट करना)
- फार्म प्रबंधन: फीड में नमी का स्तर 12% से कम रखें, मल्टी-फंक्शनल मायकोटॉक्सिन बाइंडर्स का उपयोग करें
Quantitative Data (Quantitative Data)
- Morbidity Rate (Morbidity Rate): 100%
- Mortality Rate (Mortality Rate): 5% से 30% (एक्यूट)
- नियामक थ्रेशोल्ड (Regulatory Threshold): > 20 ppb (अस्वीकृति/रिजेक्शन)
- पर्यावरणीय ट्रिगर (Environmental Triggers): नमी > 15%, आर्द्रता > 75%, तापमान 25-35°C
- सुरक्षित नमी स्तर (Safe Moisture Level): < 12%
Relationships (Relationships)
- Vaccines (Vaccines): NDV और IBDV टीकों की प्रभावशीलता को कम करता है
- Medicines (Medicines): HSCAS (टॉक्सिन बाइंडर्स), कोलीन, मेथियोनिन (Methionine)
- संबंधित रोग (Related Diseases): कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis), विसेरल गाउट (Visceral Gout), सिस्टेमिक मायकोटॉक्सिकोसिस (Systemic Mycotoxicosis)
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