पोल्ट्री में एसाइटिस (Ascites)
पोल्ट्री में एसाइटिस (Ascites)
व्यावहारिक जानकारी एवं फार्म कार्य
At a Glance
- गंभीरता का स्तर: High
- मुख्य रूप से प्रभावित: ब्रॉयलर का अंतिम चरण (5 सप्ताह से अधिक की उम्र में मृत्यु दर सबसे अधिक)
- फैलने का मार्ग: गैर-संक्रामक
What You May Notice
- शुरुआती लक्षण: सुस्ती व चलने-फिरने में असमर्थता, कलगी और गलकंबल (कौम्ब और वॉटल) का नीला पड़ना (सायनोसिस), सांस लेने में तकलीफ (डिस्पनिया)
- गंभीर लक्षण: पेट में अत्यधिक सूजन (पेट फूलना), लंगड़ाते हुए चलने में हिचकिचाहट; मुख्य रूप से कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) और श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है
- पोस्टमॉर्टम निष्कर्ष: पेरिटोनियल कैविटी में पीले फाइब्रिन के थक्कों के साथ बड़ी मात्रा में (300mL तक) साफ, हल्के पीले रंग (अंबर) का पानी मिलना। दाएं वेंट्रिकल का फैलना और बढ़ना (हाइपरट्रॉफी)। लिवर का सख्त होना व उस पर सफेद परत जमना।
Why It Matters
- मृत्यु दर: पेट फूलने के लक्षण दिखाने वाले गंभीर रूप से प्रभावित पक्षियों में लगभग 100%
- आर्थिक जोखिम: उच्च (अंतिम चरण में मृत्यु दर, प्रोसेसिंग प्लांट में पक्षी रिजेक्ट होना)
Field Verification Checkpoints
- फील्ड सत्यापन (जांच): पेट में पानी का जमाव, त्वचा/कलगी का नीला पड़ना (सायनोसिस)
- प्रयोगशाला पुष्टि: राइट वेंट्रिकल-टू-टोटल वेंट्रिकल (RV/TV) अनुपात की गणना > 0.25 होना
- अन्य संभावनाएं: कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis) (पेरिटोनाइटिस), हेपेटोटॉक्सिकोसिस
Prevention & Control Action
- टीकाकरण नियंत्रण: Hatchery standard or field boosting
- बायोसिक्योरिटी कार्रवाई: लागू नहीं
Identity (Identity)
तेजी से बढ़ने वाले ब्रॉयलर पक्षियों में होने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण, गैर-संक्रामक मेटाबॉलिक विकार। शरीर में ऑक्सीजन की कमी (सिस्टेमिक हाइपोक्सिया) के कारण पॉलीसाइथीमिया और पल्मोनरी हाइपरटेंशन होता है, जिससे दायां वेंट्रिकल (दायां निलय) फैल जाता है, दिल का दायां हिस्सा काम करना बंद कर देता है (राइट-साइडेड हार्ट फेलियर) और पेट में भारी मात्रा में पानी (तरल पदार्थ) जमा हो जाता है।
Overview (Overview)
एसाइटिस (Ascites) (पल्मोनरी हाइपरटेंशन सिंड्रोम) ब्रॉयलर की तेजी से बढ़ती वृद्धि दर (Growth Rate) और उसकी सीमित हृदय व फेफड़ों की कार्यक्षमता के बीच असंतुलन के कारण होता है। पर्यावरणीय कारक (जैसे ठंड का तनाव, खराब वेंटिलेशन, अधिक ऊंचाई) शरीर में ऑक्सीजन की कमी पैदा करते हैं, जिससे रक्त का गाढ़ापन और पल्मोनरी धमनियों का दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक अत्यधिक दबाव बने रहने से दायां वेंट्रिकल क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिससे पेरिटोनियल कैविटी (पेट के खोखले हिस्से) में तरल पदार्थ रिसने लगता है। चूंकि यह एक मेटाबॉलिक विकार है, इसलिए दवाइयों से इसका इलाज नहीं होता। इसका प्रबंधन पूरी तरह से शुरुआती वृद्धि दर (Growth Rate) को नियंत्रित करने (फीड प्रतिबंध, लाइट शेड्यूल) और फार्म के तापमान को बनाए रखने पर निर्भर करता है।
Structured Facts (Structured Facts)
Classification (Classification)
मेटाबॉलिक > गैर-संक्रामक (Non-Infectious)
Epidemiology (Epidemiology)
- भारत में प्रसार: तेजी से बढ़ने वाले ब्रॉयलर में आम
- गंभीरता: उच्च
- प्रभावित प्रजातियां: तेजी से बढ़ने वाले ब्रॉयलर
- प्रभावित आयु: ब्रॉयलर का अंतिम चरण (5 सप्ताह से अधिक की उम्र में मृत्यु दर सबसे अधिक)
- संचरण (Transmission): गैर-संक्रामक
- मौसमी प्रभाव: ठंडे मौसम / ठंड के तनाव (कोल्ड स्ट्रेस) से संबंधित
- मृत्यु दर (Mortality): पेट फूलने के लक्षण दिखाने वाले गंभीर रूप से प्रभावित पक्षियों में लगभग 100%
- रुग्णता दर (Morbidity): तेजी से बढ़ने वाले झुंडों में 5% से अधिक हो सकती है
- आर्थिक महत्व (Economic Importance): उच्च (अंतिम चरण में मृत्यु दर, प्रोसेसिंग प्लांट में पक्षी रिजेक्ट होना)
क्लिनिकल संकेत (Clinical Signs)
- शुरुआती/मध्यम चरण: सुस्ती व चलने-फिरने में असमर्थता, कलगी और गलकंबल (कौम्ब और वॉटल) का नीला पड़ना (सायनोसिस), सांस लेने में तकलीफ (डिस्पनिया)
- गंभीर चरण: पेट में अत्यधिक सूजन (पेट फूलना), लंगड़ाते हुए चलने में हिचकिचाहट; मुख्य रूप से कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) और श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है
- पोस्टमार्टम निष्कर्ष: पेरिटोनियल कैविटी में पीले फाइब्रिन के थक्कों के साथ बड़ी मात्रा में (300mL तक) साफ, हल्के पीले रंग (अंबर) का पानी मिलना। दाएं वेंट्रिकल का फैलना और बढ़ना (हाइपरट्रॉफी)। लिवर का सख्त होना व उस पर सफेद परत जमना।
Diagnosis (Diagnosis)
- फील्ड डायग्नोसिस: पेट में पानी का जमाव, त्वचा/कलगी का नीला पड़ना (सायनोसिस)
- प्रयोगशाला परीक्षण: राइट वेंट्रिकल-टू-टोटल वेंट्रिकल (RV/TV) अनुपात की गणना > 0.25 होना
- डिफरेन्शियल डायग्नोसिस: कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis) (पेरिटोनाइटिस), हेपेटोटॉक्सिकोसिस
इलाज (Treatment)
- तत्काल कार्रवाई: वेंटिलेशन बढ़ाएं, ठंड का तनाव कम करें
- दवाएं: कोई नहीं
- विथड्रॉल अवधि: लागू नहीं
Prevention (Prevention)
- टीकाकरण: कोई नहीं
- बायोसिक्योरिटी (Biosecurity): लागू नहीं
- फार्म प्रबंधन: फीड नियंत्रण और लाइट-डार्क शेड्यूल (शुरुआती 2 सप्ताह) द्वारा वृद्धि दर (Growth Rate) को नियंत्रित करना; धूल और अमोनिया का स्तर कम रखना; ठंड के तनाव से बचाने के लिए तापमान नियंत्रित रखना; ब्रीडिंग के दौरान SpO2 की निगरानी करना।
Quantitative Data (Quantitative Data)
- Morbidity Rate (Morbidity Rate): > 5%
- Mortality Rate (Mortality Rate): ~100% (गंभीर रूप से प्रभावित पक्षियों में)
- लक्षित उम्र (Target Age): > 5 सप्ताह
- Diagnostic RV/TV Ratio (Diagnostic RV/TV Ratio): > 0.25
- Fluid Volume (Fluid Volume): 300 mL तक
Relationships (Relationships)
- Vaccines (Vaccines): कोई नहीं
- Medicines (Medicines): कोई नहीं
- नस्ल की संवेदनशीलता (Breed Susceptibility): तेजी से बढ़ने वाले ब्रॉयलर
- Predisposing Relationships (Predisposing Relationships): Aspergillus fumigatus या IBV का सह-संक्रमण (को-इन्फेक्शन) फेफड़ों के पैरेन्काइमा को नुकसान पहुंचाता है, जिससे एसाइटिस (Ascites) होने का खतरा बढ़ जाता है
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