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पोल्ट्री में फाउल कॉलरा (Fowl Cholera)

पोल्ट्री में फाउल कॉलरा (Fowl Cholera)

लेखक: KodiBook Digital Research Team
संपादकीय समीक्षा: KodiBook Editorial Team
अंतिम अपडेट: 2026-06-27
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व्यावहारिक जानकारी एवं फार्म कार्य

मुख्य तथ्य

At a Glance

  • गंभीरता का स्तर: High

What You May Notice

  • शुरुआती लक्षण: गंभीर सुस्ती, दाना न खाना (एनोरेक्सिया), बिखरे हुए पंख, सांस लेने में तकलीफ (डिस्पनिया), मुंह से बलगम जैसा स्राव निकलना
  • गंभीर लक्षण: एक्यूट: अचानक मृत्यु, कलगी/गलकंबल का नीला पड़ना (सायनोसिस), एक्यूट सेप्टीसीमिया। क्रोनिक: लंगड़ापन, हॉक्स जोड़ों में सूजन, गलकंबल (वॉटल) में सूजन। रक्त वाहिकाओं (वैस्कुलर बेड), श्वसन तंत्र और जोड़ों को लक्षित करता है।
  • पोस्टमॉर्टम निष्कर्ष: एक्यूट: एपिकार्डियम/मायोकार्डियम/सबसीरोसल सतहों पर व्यापक रक्तस्राव, सुई की नोक जैसे सफेद नेक्रोटिक धब्बों (पिनपॉइंट नेक्रोटिक फोकाई) के साथ लिवर का बढ़ना (हेपेटोमेगाली), फाइब्रिनस निमोनिया। क्रोनिक: जोड़ों/वॉटल/साइनस में पीला मवादयुक्त स्राव (सप्यूरेटिव एक्सयूडेट)।

Field Verification Checkpoints

  • फील्ड सत्यापन (जांच): वयस्क पक्षियों में अचानक उच्च मृत्यु दर, सायनोसिस, सूजे हुए गलकंबल (वॉटल)
  • प्रयोगशाला पुष्टि: ब्लड स्मीयर पर बाइपोलर स्टेनिंग (राइट/गीम्सा स्टेनिंग), ब्लड एगर पर आइसोलेशन (नॉन-हेमोलिटिक म्यूकॉइड कॉलोनियां, मीठी गंध), PCR
  • अन्य संभावनाएं: अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (Highly Pathogenic Avian Influenza), एरिसिपेलस, कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis)

Prevention & Control Action

  • टीकाकरण नियंत्रण: Hatchery standard or field boosting
  • बायोसिक्योरिटी कार्रवाई: Rodent Control, Biosecurity Protocols

Identity (Identity)

Pasteurella multocida के कारण होने वाली एक उच्च प्राथमिकता वाली बैक्टीरियल संक्रामक बीमारी। यह एंडोटॉक्सेमिया और वैस्कुलर कोलैप्स (रक्त वाहिकाओं की विफलता) के साथ एक्यूट, उच्च मृत्यु दर वाले सेप्टीसीमिया के रूप में, या जोड़ों और गलकंबल (वॉटल) में मवादयुक्त सूजन (सप्यूरेटिव इन्फ्लेमेशन) वाले क्रोनिक रूप में प्रकट होती है।

Overview (Overview)

फाउल कॉलरा (Fowl Cholera) वयस्क पोल्ट्री में दुनिया भर में पाया जाने वाला एक प्रमुख बैक्टीरियल रोगज़नक़ है। कैप्सूल युक्त यह बैक्टीरिया फैगोसाइटोसिस से बचकर रक्त में तेजी से संख्या बढ़ाता है, जिससे एंडोटॉक्सेमिया और डिसेमिनेटेड इंट्रावैस्कुलर कोएगुलेशन (DIC) की स्थिति बन जाती है। एक्यूट प्रकोप में बिना किसी पूर्व लक्षण के पक्षी मृत पाए जाते हैं और भारी मृत्यु दर होती है। क्रोनिक मामलों में स्थानीय रूप से पनीर जैसा मवाद (कैसियस एक्सयूडेट) जमा हो जाता है। इसके प्रबंधन के लिए जंगली पक्षियों और चूहों (रोडेंट्स) को फार्म से बाहर रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि चूहे इसके जैविक वाहक (रिजर्वॉयर) होते हैं। इसके प्रकोप का नियंत्रण इनएक्टिवेटेड बैक्ट्रिन्स और SVTG प्रोटोकॉल के तहत लक्षित एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग से किया जाता है।

Structured Facts (Structured Facts)

Classification (Classification)

बैक्टीरियल > संक्रामक रोगज़नक़ (Infectious Pathogen)

Epidemiology (Epidemiology)

  • गंभीरता: उच्च
  • प्रभावित प्रजातियां: पोल्ट्री (ब्रॉयलर ब्रीडर्स, कमर्शियल लेयर्स, टर्की)
  • प्रभावित आयु: 16 सप्ताह से अधिक उम्र के वयस्क पक्षी
  • संचरण (Transmission): दूषित दाना/पानी/धूल का सेवन या सांस के जरिए अंदर लेना, मैकेनिकल वैक्टर (चूहे/रोडेंट्स, परभक्षी जीव)
  • मृत्यु दर (Mortality): एक्यूट सेप्टीसीमिक मामलों में 100% तक; क्रोनिक मामलों में < 5%
  • रुग्णता दर (Morbidity): 100% तक (एक्यूट)
  • आर्थिक महत्व (Economic Importance): उच्च

क्लिनिकल संकेत (Clinical Signs)

  • शुरुआती/मध्यम चरण: गंभीर सुस्ती, दाना न खाना (एनोरेक्सिया), बिखरे हुए पंख, सांस लेने में तकलीफ (डिस्पनिया), मुंह से बलगम जैसा स्राव निकलना
  • गंभीर चरण: एक्यूट: अचानक मृत्यु, कलगी/गलकंबल का नीला पड़ना (सायनोसिस), एक्यूट सेप्टीसीमिया। क्रोनिक: लंगड़ापन, हॉक्स जोड़ों में सूजन, गलकंबल (वॉटल) में सूजन। रक्त वाहिकाओं (वैस्कुलर बेड), श्वसन तंत्र और जोड़ों को लक्षित करता है।
  • पोस्टमार्टम निष्कर्ष: एक्यूट: एपिकार्डियम/मायोकार्डियम/सबसीरोसल सतहों पर व्यापक रक्तस्राव, सुई की नोक जैसे सफेद नेक्रोटिक धब्बों (पिनपॉइंट नेक्रोटिक फोकाई) के साथ लिवर का बढ़ना (हेपेटोमेगाली), फाइब्रिनस निमोनिया। क्रोनिक: जोड़ों/वॉटल/साइनस में पीला मवादयुक्त स्राव (सप्यूरेटिव एक्सयूडेट)।

Diagnosis (Diagnosis)

  • फील्ड डायग्नोसिस: वयस्क पक्षियों में अचानक उच्च मृत्यु दर, सायनोसिस, सूजे हुए गलकंबल (वॉटल)
  • प्रयोगशाला परीक्षण: ब्लड स्मीयर पर बाइपोलर स्टेनिंग (राइट/गीम्सा स्टेनिंग), ब्लड एगर पर आइसोलेशन (नॉन-हेमोलिटिक म्यूकॉइड कॉलोनियां, मीठी गंध), PCR
  • डिफरेन्शियल डायग्नोसिस: अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (Highly Pathogenic Avian Influenza), एरिसिपेलस, कोलिबैसिलोसिस (Colibacillosis)

इलाज (Treatment)

  • तत्काल कार्रवाई: चूहों (रोडेंट्स) और जंगली पक्षियों का प्रवेश रोकना, मृत पक्षियों का उचित निपटान
  • दवाएं: सल्फास, टेट्रासाइक्लिन, पेनिसिलिन (SVTG प्रोटोकॉल के अनुसार)
  • विथड्रॉल अवधि: SVTG दिशानिर्देशों के अधीन
  • पशुचिकित्सक हस्तक्षेप: SVTG द्वारा निर्देशित

Prevention (Prevention)

  • टीकाकरण: इनएक्टिवेटेड ऑयल-एडजुवेंट बैक्ट्रिन्स (8-10 सप्ताह पर पहली खुराक, 14-16 सप्ताह पर बूस्टर)
  • बायोसिक्योरिटी (Biosecurity): मानक बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल और सख्त रोडेंट कंट्रोल (चूहा नियंत्रण) द्वारा बचाव
  • फार्म प्रबंधन: चूहों/रोडेंट्स का प्रवेश रोकना (रोडेंट एक्सक्लूजन)

Quantitative Data (Quantitative Data)

  • Morbidity Rate (Morbidity Rate): 100% तक
  • Mortality Rate (Mortality Rate): 100% तक (एक्यूट); < 5% (क्रोनिक)
  • लक्षित उम्र (Target Age): > 16 सप्ताह

Relationships (Relationships)

  • Vaccines (Vaccines): इनएक्टिवेटेड ऑयल-एडजुवेंट बैक्ट्रिन्स (Inactivated oil-adjuvant bacterins)
  • Medicines (Medicines): सल्फास (Sulfas), टेट्रासाइक्लिन (Tetracyclines), पेनिसिलिन (Penicillins)
  • बायोसिक्योरिटी (Biosecurity): रोडेंट कंट्रोल (Rodent Control), बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल (Biosecurity Protocols)
  • Vector (Vector): जंगली चूहे और चुहिया