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शेड बायोसिक्योरिटी (Biosecurity) के तौर-तरीके (Shed Biosecurity Practices)

शेड बायोसिक्योरिटी (Biosecurity) के तौर-तरीके (Shed Biosecurity Practices)

Author: KodiBook Digital Research Team
Editorial Review: KodiBook Editorial Team
Last Updated: 2026-06-27

Farm Biosecurity (Farm Biosecurity)

इलाज से बचाव हमेशा बेहतर और सस्ता होता है। बायोसिक्योरिटी (Biosecurity) का मतलब है अपने मुर्गों/पक्षियों को बीमारियों से दूर रखना।

1. External Shield (Boundary) (1. External Shield (Boundary))

  • आवाजाही पर रोक (Restrict Access): किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को फार्म में न आने दें। इंसानों के जूते और बूट बीमारी फैलाने का सबसे बड़ा (#1) कारण हैं।
  • गाड़ियों का डिसइन्फेक्शन (Vehicle Disinfection): फार्म परिसर में आने वाले हर वाहन के लिए डिसइन्फेक्टेंट स्प्रे या टायर डिप का इस्तेमाल करें।

2. Personnel Hygiene (2. Personnel Hygiene)

  • फुटबाथ (Footbaths): हर शेड के मुख्य प्रवेश द्वार पर पोटेशियम परमैंगनेट (लाल दवा वाला पानी) का फुटबाथ रखें। इसका पानी रोज बदलें।
  • हाथों की सफाई (Hand Wash): किसी भी शेड में जाने से पहले और बाहर निकलने के बाद कर्मचारी साबुन से हाथ जरूर धोएं।
  • फार्म के अलग कपड़े (Dedicated Clothing): केवल फार्म में इस्तेमाल होने वाले अलग जूते/चप्पल और कपड़े (ओवरऑल) ही पहनें।

3. Operational Discipline (3. Operational Discipline)

  • मृत पक्षियों का निपटान (Dead Bird Disposal): मृत पक्षियों को तुरंत बाहर निकालें। उन्हें शेड से काफी दूर, चूने के साथ कम से कम 4 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबाएं।
  • चूहों की रोकथाम (Rodent Control): शेड के आस-पास लंबी घास न उगने दें और गिरा हुआ फीड तुरंत साफ करें ताकि चूहे आकर्षित न हों।
  • पानी की गुणवत्ता (Water Quality): पानी की टंकियों को हर हफ्ते साफ करें। पानी को रोगाणु मुक्त रखने के लिए क्लोरीनेशन की गोलियों (5g प्रति 1000L) का इस्तेमाल करें।